Tuesday, October 3, 2017

कुछ प्रमुख रोग

(1) पक्षाघात या लकवा - इस रोग  में कुछ ही मिनटों में शरीर के आधे भाग को लकवा मार जाता है जहां पक्षाघात होता है वहां की तंत्रिकाएं निष्क्रिय हो जाती है इसका कारण अधिक रक्त दाब के कारण मस्तिष्क की कोई धमनी का फट जाना या मस्तिष्क को अपर्याप्त रक्त की आपूर्ति होना है ।

(2) एलर्जी - कुछ वस्तुओं जैसे धूल, धुआं ,रसायन कपड़ा, सर्दी , आदि विशेष व्यक्तियों के लिए हानिकारक हो जाते हैं और उनके शरीर में विपरीत क्रिया होने लगती है जिससे अनेक बीमारियां हो जाती है जैसे खुजली या फोड़ा ,फुंसी शरीर में सूजन आ जाना, काला दाग ,एग्जिमा आदि एलर्जी के उदाहरण है।

(3) साइजोफ्रेनिया - यह मानसिक रोग है जो प्रायः युवा वर्ग में होता है ऐसा रोगी कल्पना को ही सत्य मानता है और वास्तविकता को नहीं।

ऐसे रोगी आलसी , अलगावहीन ,आवेशहीन होते हैं विद्युत आवेश चिकित्सा इसमें काफी सहायक होती है।

(4) मिर्गी - इसे अपस्मार रोग कहते हैं यह मस्तिष्क की आंतरिक रोगों के कारण होती है इस रोग में जब दौरा पड़ता है तो मुंह से झाग निकलने लगता है और मल पेशाब भी निकलता है ।

(5) डिपलोपिया - यह रोग आँखों  की मांसपेशियों की पक्षाघात के कारण होती है ।

(6) कैंसर - मनुष्य के शरीर के किसी भी अंग में त्वचा से लेकर अस्थि  तक।  यदि कोशिका वृद्धि अनियंत्रित हो तो इसके परिणाम स्वरुप कोशिकाओं की अनियमित गुच्छा बन जाता है इन अनियमित कोशिकाओं के गुच्छे को कैंसर कहते हैं कैंसर को स्थापित होने में जो समय लगता है उसे लैटेण्ड पीरियड कहते हैं ।

कैंसर मुख्यता चार प्रकार के होते हैं ।

(1) कार्सिनोमास - इसकी उत्पत्ति उपकला उतको से होती है ।

(2) सार्कोमास - यह कैंसर संयोजी उतको अस्थि और उपास्थि एवं पेशियों में होता है।

(3) ल्युकीमियास - यह ल्यूकोमाइट्स  में असामान्य वृद्धि के कारण होता है।

(4)  लिम्फोमास - यह कैंसर लसीका गाँठो एवं प्लीहा में  होता है।

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